CG छात्र नेता पर FIR; कुलपति को धमकी और तोड़फोड़ के मामले में छात्र नेता पर FIR दर्ज, विवि में मचा बवाल
रायपुर, 11 जुलाई 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में छात्रावास की जर्जर स्थिति को लेकर शुरू हुआ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन अब एक बड़े कानूनी विवाद में बदल चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन की लिखित शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने कृषि मौसम विज्ञान विभाग के पीएचडी (PhD) छात्र सुजीत सुमेर और उसके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।
छात्र पर कुलपति कार्यालय के बाहर हंगामा करने, शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अधिकारियों को धमकाने और सोशल मीडिया पर कुलपति व उनके परिवार की मानहानि करने का संगीन आरोप है।
कुलसचिव की लिखित शिकायत पर पुलिस का एक्शन
दर्ज एफआईआर (FIR) के मुताबिक, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक ने 7 जुलाई को तेलीबांधा थाने में एक लिखित आवेदन सौंपा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पीएचडी छात्र सुजीत सुमेर पिछले कुछ समय से विवि प्रशासन, कुलपति तथा अन्य उच्च अधिकारियों के खिलाफ लगातार आक्रामक और उग्र गतिविधियों में शामिल रहा है, जिससे परिसर का शैक्षणिक माहौल खराब हो रहा है।
शिवम हॉस्टल हादसे के बाद भड़का था विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत 2 जुलाई 2026 की रात को हुई, जब विश्वविद्यालय के शिवम छात्रावास के छज्जे का प्लास्टर अचानक गिर गया आरोप है कि इस हादसे को ढाल बनाकर 3 जुलाई की दोपहर 1 से 2 बजे के बीच सुजीत सुमेर ने एनएसयूआई (NSUI) से जुड़े 7-8 कार्यकर्ताओं और अन्य छात्रों को इकट्ठा किया। भीड़ के साथ प्रशासनिक भवन पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया गया। एफआईआर में इसे ‘गैरकानूनी जमावड़ा’ और ‘दंगा’ बताते हुए कहा गया है कि अधिकारियों पर दबाव बनाने और प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की गई।
चैनल गेट तोड़ा, शासकीय संपत्ति को नुकसान
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत में साफ कहा है कि प्रदर्शन के दौरान उग्र छात्रों ने कुलपति सचिवालय के चैनल गेट को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया। चूंकि यह एक शासकीय संपत्ति है, इसलिए विवि ने इसे लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने का गंभीर मामला बताते हुए संबंधित अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कुलपति को धमकी और अपमानजनक भाषा का प्रयोग
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक रूप से कुलपति के खिलाफ बेहद अपमानजनक, अभद्र और धमकीभरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों और छात्रों की मौजूदगी में की गई इस नारेबाजी से कुलपति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और परिसर में भय का माहौल बना है।
अब साइबर सेल करेगी फेसबुक पोस्ट की जांच
यह मामला सिर्फ जमीनी हंगामे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब इसमें साइबर जांच भी जुड़ गई है। आरोप है कि सुजीत सुमेर ने अपने फेसबुक अकाउंट से कुलपति, उनके परिवार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के निजी कार्यक्रमों की तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों के साथ बेहद आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां लिखी गईं। विवि प्रशासन ने इन सभी फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, यूआरएल (URL) और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं, जिसकी जांच अब पुलिस साइबर एंगल से कर रही है।

